
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में थाना न्यू राजेंद्र नगर पुलिस ने चोरी के जेवरातों को बिना वैध दस्तावेज के गिरवी रखने वाली बजाज फायनेंस की महिला कर्मचारी सनोहर जाहां को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी परसुराम नगर पुरैना में हुई चोरी के मामले की त्वरित कार्यवाही के दौरान की गई।
चोरी की घटना का विवरण
प्रार्थिया सुशीला जाल ने पुलिस को सूचित किया कि वह 04 अक्टूबर 2025 को स्वास्थ्य खराब होने के कारण अपने परिवार के साथ अपने गृह राज्य ओडिशा चली गई थीं। लौटने पर 25 अक्टूबर 2025 को शाम लगभग 04:00 बजे उन्होंने देखा कि उनके घर का मुख्य दरवाजा खुला था और अंदर का कमरा अस्त-व्यस्त था। कमरे की लोहे की अलमारी का ताला टूटा हुआ था और उसमें रखे सोने-चांदी के जेवरात और नगदी रकम गायब थे।
इस घटना के बाद पुलिस ने प्रार्थिया की शिकायत पर अपराध क्रमांक 278/25 धारा 331(4), 305, 3(5), 317(1) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया।
त्वरित पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
थाना प्रभारी न्यू राजेंद्र नगर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्रार्थिया से विस्तृत पूछताछ की। जांच में यह सामने आया कि इस चोरी में पूर्व चोरी के आरोपी विधि से संघर्षरत बालक और आशीष नेताम शामिल थे।
पूछताछ में आशीष नेताम ने स्वीकार किया कि चोरी के सोने-चांदी के जेवरात को तेलीबांधा स्थित बजाज फायनेंस कंपनी में गिरवी रखा गया। इसके आधार पर पुलिस ने बजाज फायनेंस में पूछताछ की।
बजाज फायनेंस की महिला कर्मचारी की भूमिका
बजाज फायनेंस में पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि सनोहर जाहां नामक महिला ने चोरी के जेवरातों को बिना किसी वैध दस्तावेज के गिरवी रखा था। यह कार्य अवैध था। महिला को तुरंत धारा 317(2) बी.एन.एस. के तहत गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के बाद महिला आरोपी सनोहर जाहां के निशानदेही पर पुलिस ने चोरी के सोने-चांदी के जेवरात जब्त कर लिए। इससे यह पुष्टि हुई कि चोरी की गई संपत्ति अवैध रूप से वित्तीय संस्था में रखी गई थी।
आरोपी महिला का विवरण
- नाम: सनोहर जाहां
- पिता: हफीज खान
- उम्र: 27 वर्ष
- पता: पंडरी सुभान पान शॉप के सामने झंडा चौक, थाना मोवा, जिला रायपुर
कानूनी कार्रवाई
सभी आरोपियों और विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध थाना न्यू राजेंद्र नगर में अपराध क्रमांक 278/25 धारा 331(4), 305, 3(5), 317(1) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने बताया कि घटना की त्वरित जांच और बजाज फायनेंस में पूछताछ से चोरी की संपत्ति का पता लगाया गया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि कानून के संरक्षण में वित्तीय संस्थाओं में अवैध गिरवीकरण नहीं किया जा सकता।
निष्कर्ष
रायपुर पुलिस की सतर्कता और तेज कार्रवाई के कारण चोरी की घटना में शामिल सभी आरोपी और अवैध गिरवी रखने वाली महिला कर्मचारी पकड़ी गई। इस मामले में पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि चोरी की संपत्ति को किसी भी वित्तीय संस्था में अवैध रूप से रखने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।




