
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों को मिलने वाले सरकारी चावल को लेकर एक बड़ा और गंभीर घोटाला सामने आया है। आरोप है कि नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) के माध्यम से वितरण किया जाने वाला सरकारी चावल, जो सीधे राशन दुकानों में पहुंचना चाहिए, उसे वहां भेजने के बजाय सीधे राइस मिलों को भेजा जा रहा है। इस मामले को लेकर युवा कांग्रेस ने प्रशासन और सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
यह आरोप युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव फहीम शेख एवं उत्तर विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष नवाज खान ने संयुक्त रूप से प्रेस को जारी बयान में लगाए हैं। दोनों नेताओं ने कहा कि यह घोटाला केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश का परिणाम है, जिसमें NAN के जिम्मेदार अधिकारी, परिवहन ठेकेदार और राइस मिल संचालकों की आपसी मिलीभगत साफ तौर पर नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब और जरूरतमंद राशन कार्डधारियों के हक पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है।

फहीम शेख ने कहा कि सरकार द्वारा गरीबों के लिए आवंटित सरकारी चावल को कालाबाजारी के उद्देश्य से राइस मिलों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे आम जनता को समय पर और पूरी मात्रा में राशन नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा कि यह न केवल सरकारी व्यवस्था की विफलता है, बल्कि संवेदनशील सामाजिक अपराध भी है, क्योंकि इससे सीधे तौर पर गरीब परिवारों के भोजन और जीवन पर असर पड़ता है।
उत्तर विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष नवाज खान ने कहा कि यदि यह चावल सही तरीके से राशन दुकानों तक पहुंचाया जाता, तो हजारों जरूरतमंद परिवारों को इसका लाभ मिलता। लेकिन कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और कारोबारियों के लालच के कारण यह चावल मिलों में भेजकर मुनाफाखोरी की जा रही है। उन्होंने इसे गरीब विरोधी मानसिकता का परिणाम बताया।
युवा कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से इस पूरे मामले में तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मांग की कि पूरे घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन अधिकारियों, ठेकेदारों और राइस मिल संचालकों की भूमिका इसमें शामिल है। इसके साथ ही सभी दोषियों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए और जिन राइस मिलों में सरकारी चावल भेजा गया है, उनके लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द किए जाएं।
इसके अलावा युवा कांग्रेस ने यह भी मांग की कि सरकारी चावल को बिना किसी देरी के सीधे राशन दुकानों तक पहुंचाया जाए, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को उनका अधिकार मिल सके। नेताओं ने कहा कि यदि प्रशासन इस मामले में शीघ्र और ठोस कार्रवाई नहीं करता है, तो युवा कांग्रेस जनहित में सड़क से सदन तक उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
फहीम शेख और नवाज खान ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में आंदोलन की स्थिति बनती है, तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस भ्रष्टाचार और गरीबों के अधिकारों की अनदेखी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
इस मुद्दे को लेकर रायपुर युवा कांग्रेस के कई कार्यकर्ता भी सक्रिय रूप से सामने आए हैं। इस दौरान मुख्य रूप से पंकज कुशवाहा, मोहम्मद आरिफ, आसिफ खान, जगदीश विश्वकर्मा, नवदीप रंगारे, शुभम, अखिल बागड़े, अक्षय, अभिनव साहू, कयामुद्दीन, धनंजय और गौरव सहित अन्य युवा कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन आरोपों के बाद यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह छत्तीसगढ़ के सार्वजनिक वितरण तंत्र पर बड़ा सवाल खड़ा करेगा और सरकार के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।




