
रायपुर। रायपुर की विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट) ने स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम के एक मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों के खिलाफ जेल वारंट जारी कर उन्हें केंद्रीय जेल, रायपुर भेजने का आदेश दिया है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा द्वारा पारित किया गया।
न्यायालय के अनुसार, आरोपी पियुष चोकसे और प्रदीप यादव एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (b)(ii)(B) के तहत दोषी पाए गए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि ड्रग्स और मनःप्रभावी पदार्थों से जुड़े अपराधों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
अदालत ने पियुष चोकसे, पिता मनोज चोकसे, उम्र 19 वर्ष, निवासी सरदार पटेल नगर कॉलोनी, भोपाल (मध्यप्रदेश) को सात वर्ष के कठोर कारावास और 70 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। आदेश में कहा गया है कि यदि वह अर्थदंड जमा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त सात महीने का कठोर कारावास भुगतना होगा। साथ ही न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
वहीं, दूसरे आरोपी प्रदीप यादव, पिता प्रकाश यादव, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम भदरई, उदयपुर, थाना लिधौरा, जिला टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) को चार वर्ष के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड का भुगतान नहीं करने की स्थिति में उसे चार महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। उसके मामले में भी न्यायिक हिरासत की अवधि को कुल सजा में जोड़ा जाएगा।विशेष न्यायालय ने भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता के तहत जेल वारंट जारी करते हुए निर्देश दिया है कि दोनों आरोपियों को तत्काल हिरासत में लेकर केंद्रीय जेल, रायपुर भेजा जाए। जेल प्रशासन को आदेशित किया गया है कि सजा की तामील पूरी होने के बाद उसका दस्तावेजी प्रमाण न्यायालय को प्रस्तुत किया जाए।
इस मामले में थाना गोल बाजार और थाना देवेंद्र नगर पुलिस ने जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी और साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की थी। न्यायालय के इस फैसले को नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत अपराध करने वालों को कठोर दंड देकर समाज में नशीली दवाओं के खिलाफ जागरूकता और भय का माहौल बनाना आवश्यक है।




