
रायपुर। थाना विधानसभा क्षेत्रांतर्गत ग्राम छपोरा स्थित गोठान के पास 22 वर्षीय ललित कुमार धीवर की हत्या के मामले में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर अजीत कुमार लहरे उर्फ हरजीत और अर्जुन ध्रुव को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने प्रेम संबंध के शक में ललित की हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।
जानकारी के अनुसार, घटना दिनांक 23 दिसंबर 2025 को सामने आई। एण्टी क्राइम एवं साइबर यूनिट तथा थाना विधानसभा पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण किया। मृतक का शव हल्का जला हुआ और सिर में चोट के निशान के साथ मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत सिर में लगी चोट को कारण बताया गया।
पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर जांच शुरू की। तीन दिनों तक लगातार कैम्पिंग कर आरोपियों की जानकारी जुटाई गई। मुखबीर से सूचना मिलने पर पता चला कि मृतक को आखिरी बार अजीत कुमार लहरे और अर्जुन ध्रुव के साथ देखा गया था।
पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की योजना स्वीकार की। अर्जुन ध्रुव को अपनी बहन का मृतक के साथ प्रेम संबंध होने का शक था। इस शक के कारण उसने अजीत कुमार लहरे को शामिल कर हत्या की योजना बनाई। घटना से पहले तीनों ने शराब पी और मोटर सायकल में बैठकर घटना स्थल पहुंचे। वहां आरोपियों ने लोहे का स्टीक और लकड़ी के बत्ते से मृतक के सिर पर चोट की और शव पर आग लगा दी। इसके बाद मृतक की मोटर सायकल तालाब में फेंकी और मोबाइल फोन अलग स्थान पर डाल दिया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतक की मोटर सायकल, मोबाइल फोन और हत्या में प्रयुक्त लोहे का स्टीक तथा लकड़ी का बत्ता बरामद किया। अजीत कुमार लहरे थाना विधानसभा का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ मारपीट और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई समेत आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तार आरोपी:
- अर्जुन ध्रुव, पिता राजेन्द्र ध्रुव, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम छपोरा।
- अजीत कुमार लहरे उर्फ हरजीत, पिता स्व. भुवन लाल लहरे, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम छपोरा।
कार्यवाही में निरीक्षक शिवेन्द्र सिंह राजपूत, एण्टी क्राइम एवं साइबर यूनिट के प्रभारी निरीक्षक सचिन सिंह, सउनि. गेंदूराम नवरंग, प्र.आर. संतोष वर्मा, कृपासिंधु पटेल, महेन्द्र राजपूत, म.प्र.आर. बसंती मौर्य, आर. धनंजय गोस्वामी, अमित कुमार, प्रकाश नारायण पात्रे, आशीष पाण्डेय, किसलय मिश्रा, म.आर. बबीता देवांगन तथा थाना विधानसभा के सउनि. राधेश्याम सोनबेर, प्र.आर. तारकिशोर सिंह, जितेन्द्र भास्कर, आर. कोमल ध्रुवंशी और ओमप्रकाश वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




