भारतTop Newsविश्व

इजरायल ने हिजबुल्लाह पर किया हमला, 5 लड़ाके मारे गए

नई दिल्ली। एक तरफ गाजा में हमास, तो दूसरी तरफ लेबनान में हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच संघर्ष लगातार जारी है. इजरायली सेना इन दोनों मोर्चों पर जंग लड़ रही है. वहीं तीसरा मोर्चा ईरान के साथ शुरू होने की प्रबल संभावना है. मंगलवार को दक्षिण लेबनान में इजरायली हमले में हिजबुल्लाह के पांच लड़ाके मारे गए हैं. इनमें एक बड़े कमांडर अली जमाल अलदीन जवाद का नाम भी शामिल है. इजरायली वायुसेना ने हिजबुल्लाह के राडवान फोर्स के कमांडर अली जमाल अलदीन जवाद पर हवाई हमला करके मार गिराया है. उसके मारे जाने से हिजबुल्लाह की दक्षिणी लेबनान से उत्तरी इजरायल के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने और उन्हें अंजाम देने की क्षमता में काफी कमी आई है. इस हमले के बाद लेबनान की तरफ से भी ड्रोन और रॉकेट की बौछार कर दी गई है।


हिजबुल्लाह Hezbollah की तरफ से किए गए हमले में बड़ी संख्या में इजरायलियों के घायल होने की सूचना है. सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आईडीएफ का दावा है कि लेबनान की ओर से किए गए ड्रोन अटैक को आयरन डोम के जरिए नेस्तनाबूद कर दिया गया है. हालांकि, कुछ ड्रोन इजरायली इलाके में गिरने की पुष्टि की गई है, जिससे बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं. हममास लीडर इस्माइल हानिया की हत्या के बाद मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर है. इस बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर होसैन सलामी ने इजरायल को कड़ी सज़ा देने की बात कही है. इस मौके पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनानी भी मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि ईरान क्षेत्र मे तनाव नहीं बढ़ाना चाहता, लेकिन इजरायल ने उनकी कोशिशों को नाकाम कर दिया है।

इजरायल ने हानिया की हत्या करके क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है. इस बीच ईरान की राजधानी तेहरान में सोमवार को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के ईरानी प्रमुख जनरल मोहम्मद बघेरी ने रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु से मुलाकात की है. इस दौरान क्षेत्रीय मुद्दों और संभावित सहयोग पर चर्चा की. इस बैठक में तेहरान में रहने वाले राजदूत और कई प्रमुख शख्सित मौजूद रहीं. वहीं, अमेरिका ने रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु के दौरे पर अपनी प्रतिक्रिया दी और सवाल उठाया कि ऐसे मौके पर उनका ये दौरा क्यों है. हालांकि उन्होंने यूक्रेन के खिलाफ जंग में समर्थन हासिल करने को लेकर भी संभावना जताई है. यही नहीं अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने के लिए राजनयिकों से आह्वान करते हालात नाजुक बताया है. बताते चलें कि पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर हमला कर 1200 लोगों को मार डाला था, जबकि 250 इजरायलियों को बंधक बना लिया था. एक समझौते के तहत हमास ज्यादतर महिलाओं और बच्चों को छोड़ चुका है, लेकिन अभी भी उसके कैद में 110 लोग हैं. इन्हीं लोगों की रिहाई के लिए इजरायल अड़ा हुआ है. लेकिन हमास बिना किसी शर्त के सीजफायर चाहता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button