रायपुर। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म फेसबुक के माध्यम से सस्ते दाम पर इंडस्ट्रियल ऑयल की सप्लाई का झांसा देकर 18 लाख 16 हजार 20 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित आकाश अग्रवाल की शिकायत पर तिल्दा-नेवरा थाना पुलिस ने मुंबई स्थित AL FATTAH POLYMER PVT. LTD. फर्म के संचालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) एवं आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आकाश अग्रवाल पिता स्वर्गीय सतवीर लाल अग्रवाल (उम्र 38 वर्ष), निवासी प्लांट नंबर 285, टी.पी. नगर, कोरबा (छत्तीसगढ़) हैं और वे Vikchnari Refinary, ग्राम कोनारी, तहसील तिल्दा, जिला रायपुर में पार्टनर हैं। उनकी फर्म द्वारा इंडस्ट्रियल बेस ऑयल की खरीद कर उसे रिफाइन कर विभिन्न रूपों में बिक्री की जाती है। व्यवसायिक जरूरत के चलते उन्हें नियमित रूप से इंडस्ट्रियल ऑयल की आवश्यकता पड़ती है।
आकाश अग्रवाल ने बताया कि उनका व्यवसायिक संपर्क सुनील अग्रवाल, निवासी नेहरू नगर, भिलाई जिला दुर्ग से है, जो पूर्व में भी उनकी फर्म को तेल की आपूर्ति कराते रहे हैं। इसी क्रम में सुनील अग्रवाल ने फेसबुक पर एक विज्ञापन दिखाया, जिसमें कम कीमत पर इंडस्ट्रियल ऑयल देने का दावा किया गया था। विज्ञापन में दिखाया गया कंटेंट पूरी तरह व्यवसायिक प्रतीत हो रहा था और किसी प्रकार का संदेहजनक पहलू नजर नहीं आया।
फेसबुक वीडियो में दिखाई दे रही फर्म ने खुद को AL FATTAH POLYMER PVT. LTD. बताया था, जिसका संचालक पंकज नामक व्यक्ति बताया गया। दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर आरोपी ने आकर्षक बातें कर पीड़ितों को अपने झांसे में ले लिया। बातचीत के बाद 01 टैंकर इंडस्ट्रियल ऑयल (कुल वजन 30 टन 780 किलोग्राम) की डील तय हुई। आरोपी ने माल भेजने से पहले पूरी रकम 18,16,020 रुपये आरटीजीएस के माध्यम से जमा करने की शर्त रखी।
व्यापारिक नियमों के अनुसार दिनांक 07 अक्टूबर 2025 को आकाश अग्रवाल की फर्म द्वारा आईडीबीआई बैंक, कोरबा शाखा के खाते से AL FATTAH POLYMER PVT. LTD. के पंजाब नेशनल बैंक, मुंबई सिटी शाखा के खाते में उक्त राशि आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर की गई। इसके अगले दिन आरोपी द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से प्रोफार्मा इनवॉइस, इनवॉइस नंबर एवं ई-वे बिल भी भेजा गया।
राशि प्राप्त होने के बाद आरोपी ने बताया कि माल वाहन क्रमांक NL04D9049 से तिल्दा स्थित प्लांट के लिए रवाना कर दिया गया है। वाहन चालक का नाम दशरथ बताया गया और उसका मोबाइल नंबर भी दिया गया। शुरुआती दिनों में चालक से संपर्क होने पर वह कभी वाहन खराब होने, कभी दूरी अधिक होने जैसे बहाने बनाता रहा। 12 अक्टूबर 2025 के बाद चालक ने फोन उठाना बंद कर दिया और माल भी प्लांट तक नहीं पहुंचा।
जब इस संबंध में AL FATTAH POLYMER PVT. LTD. के संचालक से संपर्क किया गया तो उसने भी लगातार वाहन खराब होने का बहाना बनाकर पीड़ित पक्ष को भ्रमित करता रहा। बाद में जब भौतिक रूप से मुंबई में बताए गए पते पर फर्म की जानकारी जुटाई गई, तो वहां इस नाम की कोई फर्म या कार्यालय मौजूद नहीं पाया गया।पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने जानबूझकर फेसबुक जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर कम कीमत का लालच दिया और सुनियोजित तरीके से ठगी को अंजाम दिया। मामले को गंभीर मानते हुए तिल्दा-नेवरा थाना पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर लिया है और बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, ऑनलाइन लेन-देन व डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि यह मामला साइबर फ्रॉड और आर्थिक अपराध से जुड़ा हुआ है। जांच के बाद आरोपियों की पहचान कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस ने व्यापारियों से अपील की है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी भी प्रकार की बड़ी लेन-देन से पहले फर्म की पूरी सत्यता की जांच अवश्य करें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।




