
रायपुर। बोरियाखुर्द आरडीए कालोनी निवासी निसार खान ने पुलिस को शिकायत दी है कि उसे और उसके परिवार को धमकाने का मामला सामने आया है। निसार खान का कहना है कि वह वाहन चालक का काम करता है और पहले मुकेश गुप्ता उर्फ मुकेश बनिया के पिता अरविंद गुप्ता की कबाड़ी दुकान में काम कर चुके हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि 30 सितंबर 2025 को सुबह 7.28 बजे, जब वह अपने घर के पास पानी टंकी के पास खड़ा था, तब मुकेश गुप्ता ने अपने मोबाइल नंबर से उसे कॉल किया। इस दौरान मुकेश ने निसार खान और उनके परिवार को गंदी-गंदी गालियाँ दी और जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद 4 अक्टूबर 2025 को शाम लगभग 6 बजे, मुकेश गुप्ता ने अपने दो साथियों सूर्या साहू और प्रवीण सोनवानी को निसार खान के पुराने घर के पास भेजा। वहां निसार की पत्नी तोनिया उर्फ जैनब खान को भी गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। मुकेश गुप्ता ने कहा कि अगर वह उन्हें हाथ लगाएँ तो निसार खान के हाथ-पैर तोड़ देंगे। निसार खान ने कहा कि यह पूरी घटना आसपास के लोगों की आंखों के सामने हुई और कई लोग इसे देख और सुन चुके हैं। उन्होंने इस घटना को गंभीर बताया और पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
धमकी और गुंडागर्दी का मामला
पुलिस के अनुसार, बोरियाखुर्द क्षेत्र के रहने वाले निसार खान ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मुकेश बनिया ने मोबाइल कॉल के माध्यम से उसे और उसकी पत्नी तोनिया उर्फ जैनब खान को जान से मारने की धमकी दी। घटना दिनांक 30-09-2025 को सुबह 7.28 बजे हुई। इसके अलावा, 04-10-2025 को शाम लगभग 6 बजे मुकेश बनिया ने अपने गुर्गों सूर्या साहू और प्रवीण सोनवानी को निसार खान के पुराने घर भेजा और उनकी पत्नी को गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी दी। धमकी देते हुए कहा गया कि यदि मुकेश बनिया को हाथ लगा तो पति निसार खान के हाथ-पैर तोड़ दिए जाएंगे। घटना को आसपास के लोग भी देख और सुन चुके हैं।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां
गंज थाना पुलिस ने आरोपियों को खुफिया जानकारी और तकनीकी सबूतों के आधार पर दबोचा। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनसे गैंग का नेटवर्क उजागर हुआ। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई के बाद पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस के अनुसार, मुकेश बनिया गैंग की यह गिरफ्तारी राजधानी में सक्रिय नशा माफिया के खिलाफ सख्ती का संदेश है। आने वाले दिनों में गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
नशे का कारोबार और युवाओं पर असर
पुलिस सूत्रों का कहना है कि मुकेश बनिया और उसके गुर्गे युवाओं और नाबालिगों को नशे की खेप पहुंचाने के लिए लगातार इस्तेमाल कर रहे थे। स्थानीय लोग और पड़ोसी बताते हैं कि गैंग की गतिविधियां कई सालों से चल रही थीं और इसके कारण इलाके में असुरक्षा और भय का माहौल था। नेहरू नगर और बूढ़ा तालाब इलाके में पुलिस ने पहले भी नशा ठिकानों की पहचान की थी, लेकिन गैंग के दबाव और संगठनात्मक कामकाज के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। अब गिरफ्तारी और सबूत मिलने के बाद पुलिस पूरी ताकत से नेटवर्क को तोड़ने की तैयारी में है।




