
रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में रायगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय क्रिकेट सट्टा गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलकाता स्थित एक होटल में छापेमारी की। इस कार्रवाई में पांच नामी सटोरियों सहित उनके दो साथी गिरफ्तार किए गए। आरोपियों के कब्जे से 25 मोबाइल, 3 लैपटॉप, 1 टैबलेट और ₹3,600 नगदी सहित कुल 6.30 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई। पुलिस ने बताया कि ये आरोपी वर्ल्ड कप क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टा खेला रहे थे और सट्टा संचालन के लिए मोबाइल लिंक और बेटिंग एप का इस्तेमाल कर रहे थे।
पुलिस ने बताया कि पिछले साल 23 अप्रैल 2025 को कोतवाली और साइबर सेल की टीम ने गांजा चौक में अमित अग्रवाल को क्रिकेट सट्टा नोट करते हुए पकड़ा था। आरोपी धर्मेंद्र शर्मा, शेख मोहम्मद, मोहम्मद शाहबाज, मोहम्मद मजहर और मोहम्मद फारूक की संलिप्तता भी सामने आई थी, लेकिन ये सभी फरार थे। कोतवाली पुलिस ने इन फरार आरोपियों के खिलाफ फरारी में चालान पेश किया और न्यायालय से स्थायी वारंट जारी कराया।
इसी तरह 22 अप्रैल 2025 को चक्रधरनगर पुलिस और साइबर सेल की टीम ने डिग्री कॉलेज सब्जी मंडी के पास ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खेल रहे अंकित बानी और भरत कुमार रोहिला को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि उनके अन्य साथी धर्मेंद्र शर्मा, शेख मोहम्मद, मोहम्मद शाहबाज, मोहम्मद मजहर, मोहम्मद फारूक, रोहित बुटानी और अमित अग्रवाल मिलकर छत्तीसगढ़ और कोलकाता में सट्टा नेटवर्क चला रहे थे। इसके बाद शेष 7 आरोपियों के खिलाफ स्थायी वारंट जारी किए गए थे।
स्थायी वारंट तामिली हेतु एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुलिस ने कोलकाता के एक होटल में रेड की। टीम ने वहां धर्मेंद्र शर्मा, शेख मोहम्मद, मोहम्मद शाहबाज, मोहम्मद मजहर, मोहम्मद फारूक, रोहित बुटानी और दो अन्य व्यक्ति अंकित सराफ, अजीत विश्वास को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कमरे से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन की सामग्री जब्त की गई। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन जेएमडी क्रिकेट बेटिंग एप पर सट्टा लगाते थे।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से ₹3,600 नगदी, 25 मोबाइल, 3 लैपटॉप, 1 टैबलेट और 1 कैलकुलेटर जब्त किया गया। जांच में सामने आया कि पिछले एक माह में करोड़ों रुपये का सट्टा दांव पर लगा। गिरफ्तार स्थायी वारंटी धर्मेंद्र शर्मा, शेख मोहम्मद, मोहम्मद शाहबाज, मोहम्मद मजहर, मोहम्मद फारूक, रोहित बुटानी को कोर्ट में पेश किया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि रायगढ़ में जुआ और सट्टा पूरी तरह प्रतिबंधित है और कोई भी आरोपी कहीं भी छुपे हो, उसे गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों की पतासाजी भी शुरू कर दी है।
गिरफ्तार स्थायी वारंटी:
- धर्मेंद्र शर्मा, पिता स्व0 देवी प्रसाद शर्मा, उम्र 53, रेल्वे बंगलापारा, रायगढ़ चौक, कोतवाली रायगढ़
- शेख मोहम्मद शाहबाज, पिता शेख मोहम्मद शमशेर, उम्र 33, तुर्कापारा, चांदनी चौक, कोतवाली रायगढ़
- मोहम्मद मजहर, पिता मोहम्मद जहुर, उम्र 35, चांदनी चौक, तुर्कापारा, कोतवाली रायगढ़
- मोहम्मद फारूख, पिता मोहम्मद आशिक, उम्र 39, तुर्कापारा, चांदनी चौक, रायगढ़
- रोहित बुटानी, पिता मुकेश बुटानी, उम्र 31, कच्ची खोली, सिंधी कालोनी, चक्रधरनगर
पकड़े गए संदेही:
- अंकित सराफ, पिता विनोद सराफ, उम्र 34, पैलेस रोड, कोष्टापारा, कोतवाली रायगढ़
- अजीत विश्वास, पिता रंजन विश्वास, उम्र 35, गोगा मंदिर चैक, जूटमिल, रायगढ़
जप्त संपत्ति:
- नकदी ₹3,600
- 25 मोबाइल
- 3 लैपटॉप
- 1 टैबलेट
- 1 कैलकुलेटर
कुल मूल्य: लगभग ₹6.50 लाख
पूर्व रिकार्ड:
धर्मेंद्र शर्मा – 173/2025 कोतवाली (₹1,20,000), 169/2025 चक्रधरनगर (₹55,000)
शेष आरोपी भी 173/2025 और 169/2025 के तहत दर्ज अपराधों में संलिप्त रहे हैं।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त एसपी अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली, साइबर थाना और चक्रधरनगर के स्टाफ ने रेड में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




