
दुर्ग/भिलाई। दुर्ग पुलिस ने ऑपरेशन विश्वास के तहत एक अंतरराज्यीय अफीम तस्कर को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी बलवीर सिंह (65 वर्ष, निवासी सेक्टर-06, भिलाई नगर) ने राजस्थान से अफीम मंगवाकर उसे ट्रक चालकों और अन्य ग्राहकों को बेचने का नेटवर्क चलाया। आरोपी स्वयं भी मादक पदार्थ का सेवन करता था और संगठित रूप से अफीम की बिक्री में संलिप्त पाया गया।
सूचना मिलने के बाद दुर्ग पुलिस की टीम ने दिनांक 15 जनवरी 2026 को महाराणा प्रताप चौक, सेक्टर-06, भिलाई के पास आरोपी को मोटरसाइकिल में अफीम रखते हुए और बिक्री के लिए ग्राहकों की तलाश करते हुए पाया। तुरंत घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान आरोपी की मोटरसाइकिल की डिग्गी से प्लास्टिक की झिल्ली में छिपाई गई 205 ग्राम अफीम बरामद की गई। इसके साथ ही बिक्री के लिए रखी नगदी ₹500/-, मोबाइल फोन (कीमत लगभग ₹15,000/-) और अपराध में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (कीमत लगभग ₹25,000/-) जब्त की गई। कुल जप्त संपत्ति की कीमत लगभग ₹80,500/- है।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ थाना भिलाई नगर में अप.क्र. 22/2026 दर्ज कर धारा 22(ख) नारकोटिक्स एक्ट के तहत न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। प्रारंभिक पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी अकेले कार्य नहीं कर रहा था। दुर्ग पुलिस द्वारा उसके माध्यम से पूरे नेटवर्क, अन्य आरोपियों और अफीम सप्लायर की पहचान हेतु सघन जांच जारी है। मुख्य स्रोत और गिरोह के अन्य सदस्यों की पतासाजी तेजी से की जा रही है।
दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए सतत, सख्त और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी। ऑपरेशन विश्वास अभियान के तहत पुलिस ने यह संदेश दिया कि मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री करने वालों को कानूनी रूप से नहीं बख्शा जाएगा।
इस कार्यवाही में थाना भिलाई नगर की टीम, सायबर और क्राइम शाखा की संयुक्त कार्रवाई रही। गिरफ्तार आरोपी बलवीर सिंह ने पूछताछ में बताया कि पहले भी वह मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त रहा है। पुलिस द्वारा उसके नेटवर्क और ग्राहकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है ताकि अन्य संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी की जा सके। दुर्ग पुलिस की इस सफलता से यह स्पष्ट हुआ कि अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ पुलिस निरंतर सतर्क है। जनता से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध मादक पदार्थ या तस्करी की सूचना तत्काल पुलिस को दें।




