
रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के उत्तर जोन अंतर्गत संवाद से समाधान अभियान के तहत शनिवार, 7 फरवरी 2026 को शासकीय एवं निजी विद्यालयों के प्राचार्यों की एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक सिविल लाइन स्थित सी-4 बिल्डिंग में संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता उत्तर जोन के पुलिस उपायुक्त श्री मयंक गुर्जर ने की। बैठक में अपर पुलिस उपायुक्त श्री आकाश मरकाम एवं सहायक पुलिस आयुक्त सुश्री पूर्णिमा लामा की विशेष उपस्थिति रही।

यह समन्वय बैठक हाल ही में एक विद्यालय परिसर में छात्र द्वारा चाकू लहराने की गंभीर घटना को ध्यान में रखते हुए आयोजित की गई। इस घटना को विद्यालयी सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील मानते हुए पुलिस विभाग द्वारा सभी विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस उपायुक्त श्री मयंक गुर्जर ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए विद्यालय प्रबंधन, अभिभावकों एवं पुलिस के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया कि विद्यालय परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। विद्यार्थियों की नियमित काउंसलिंग कराने, उनके व्यवहार में आने वाले परिवर्तनों पर नजर रखने एवं अनुशासनहीन गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

पुलिस उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि विद्यालयों में समय-समय पर बैग चेकिंग अनिवार्य रूप से की जाए, विद्यार्थियों के लिए पहचान पत्र (आईडी कार्ड) पहनना अनिवार्य हो तथा बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर सख्त नियंत्रण रखा जाए। इसके साथ ही विद्यालयों में प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड की तैनाती, प्रवेश एवं निकास द्वार पर कड़ी निगरानी तथा सीसीटीवी कैमरों को क्रियाशील अवस्था में रखने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में यह भी कहा गया कि विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिसमें कानून की जानकारी, हिंसा के दुष्परिणाम, नशे से दूर रहने और सकारात्मक व्यवहार को अपनाने जैसे विषयों पर चर्चा की जाए। इसके अलावा विद्यालय प्रबंधन एवं अभिभावकों के साथ नियमित संवाद स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया कि यदि किसी छात्र के व्यवहार में असामान्यता, किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा से जुड़ी कोई समस्या सामने आती है, तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित थाना अथवा पुलिस अधिकारियों को दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
बैठक के अंत में सभी प्राचार्यों ने पुलिस द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करने का आश्वासन दिया तथा विद्यालयों में सुरक्षित, अनुशासित एवं सकारात्मक वातावरण बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह बैठक विद्यालयी सुरक्षा को लेकर पुलिस और शिक्षा संस्थानों के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही।




