
Janjgir-Champa. जांजगीर-चांपा। जिले में पुलिस ने कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले एक संगठित बदमाश गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए थाना शिवरीनारायण और थाना पामगढ़ क्षेत्रों में मुठभेड़ की। 27 और 29 जनवरी की रातों में 5 स्थानों पर हुई डकैती और हत्या के प्रयास के सिलसिले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरोह का मास्टरमाइंड रामनाथ पुलिस की घेराबंदी से निकलने का प्रयास करते हुए देशी कट्टे से फायरिंग कर रहा था, जिसमें जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।
थाना शिवरीनारायण में हुई घटनाओं में मुकेश रायसागर और अमन बंजारे गंभीर रूप से घायल हुए हैं और वे बिलासपुर के निजी अस्पताल में भर्ती हैं। अन्य घायल दीपक कुमार कश्यप, प्रशांत कश्यप, अनिकेत रायसागर, आर्यन और सुमित बंजारे सामान्य चोटों के साथ इलाजरत हैं। थाना पामगढ़ क्षेत्र की वारदात में कैलाश दास, बसंत दास, शुभम यादव, संजीव कुर्रे, आशीष वानी, सुखनंदन कश्यप और लक्ष्मण यादव घायल हुए, जिनमें लक्ष्मण यादव गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त रॉड, लोहे के पाइप, डंडा, बेल्ट, दो मोटरसाइकिल, एक स्कूटी, सात मोबाइल फोन, लूटे गए तीन मोबाइल और नकद ₹9,000 सहित कुल ₹4,09,000 मूल्य की संपत्ति बरामद की। गिरफ्तार आरोपियों में निखिल टंडन, मनीराम गोंड, नरेश यादव, रोशन टंडन, आयुष रात्रे और दो अन्य शामिल हैं।
शिवरीनारायण में 29 जनवरी को रात लगभग 9:00 से 9:30 बजे के बीच आरोपियों ने ग्राम कचंदा में तीन बार अलग-अलग लोगों पर हमला किया। उन्होंने दीपक कुमार कश्यप, प्रशांत कश्यप, अमन बंजारे, सुमित बंजारे, आर्यन, अनिकेत रायसागर और मुकेश रायसागर को रॉड और डंडा से पीटा और मोबाइल फोन व नगदी लूट ली। पामगढ़ में 27 जनवरी को आरोपियों ने मुडपार-भदरा, ग्राम मेउ और चेऊडीह में लोगों को रोककर मारपीट की और मोबाइल व नगद ₹10,000 लूटकर फरार हुए।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों का अपराध तरीका सुनियोजित और क्रूर था। ये लोग मोटरसाइकिल पर घूमकर सुनसान रास्तों में राहगीरों को रोकते और सिर पर प्राणघातक वार कर गंभीर चोट पहुँचाते थे। इसके बाद मोबाइल, नकदी और अन्य कीमती सामान लूटकर फरार हो जाते थे। आरोपियों ने पूछताछ में संगठित रूप से वारदात करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। यह कार्रवाई जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और संगठित अपराधियों को दहशत फैलाने से रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।




