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भूमाफिया बसंत अग्रवाल के कब्जे से परेशान गिरोद गांव के किसान, कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

रायपुर। राजधानी रायपुर में पुरानी विधानसभा के पास स्थित गिरोद गांव के दर्जनों ग्रामीण और किसान एक जमीन कारोबारी के कथित आतंक से बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बंसत अग्रवाल नामक जमीन कारोबारी ने गांव के सामने के हिस्से में कई एकड़ जमीन खरीदने के बाद इसकी आड़ में सरकारी धरसा भूमि और किसानों की निजी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। इस मामले को लेकर पीड़ित किसानों ने रायपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

किसानों का कहना है कि बंसत अग्रवाल ने खरीदी गई जमीन के चारों ओर दो लेयर में ऊंची बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी है, जिससे गांव के अंदर जाने और खेतों तक पहुंचने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, वर्षों से इस्तेमाल हो रहे सार्वजनिक रास्तों को भी बंद कर दिया गया है, जिससे किसान अपनी ही जमीन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसके कारण खेतों में बोवाई और फसल उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जमीन कारोबारी द्वारा नहर से आने वाला सिंचाई का पानी और निकासी की व्यवस्था भी रोक दी गई है। इससे खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है और बरसात के समय जल निकासी बंद होने से खेतों में जलभराव की स्थिति बन रही है। किसानों का कहना है कि इन हालातों में खेती करना असंभव हो गया है और उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है।

महिला किसानों ने आरोप लगाते हुए बताया कि बंसत अग्रवाल के नाम से कथित दलाल गांव में घूम रहे हैं और किसानों पर जमीन कौड़ियों के भाव बेचने का दबाव बना रहे हैं। महिलाओं का कहना है कि डर और दबाव के माहौल में कई किसान मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

पीड़ित किसानों ने कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए मांग की है कि अवैध बाउंड्री वॉल हटाई जाए, रास्ता और नहर का पानी बहाल किया जाए, साथ ही सरकारी धरसा भूमि पर किए गए कब्जे की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। किसानों का कहना है कि वे कानून के दायरे में रहकर अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा चाहते हैं।

इस पूरे मामले पर रायपुर कलेक्टर ने कहा है कि किसी भी हालत में किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में अवैध कब्जा और नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को मामले की जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।

गिरोद गांव के किसानों को अब प्रशासन से न्याय की उम्मीद है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। फिलहाल पूरे इलाके में इस जमीन विवाद को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है और सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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