
रायपुर। बीते वर्ष लाखे नगर में विराजित क्यूट बाल गणेश की मूर्ति ने लोगों का दिल जीत लिया था। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हुए थे। उसी के बाद से इस बार भी वैसी मूर्तियों की मांग बढ़ी है। मूर्तिकारों के पास पिछले साल से ही ऑर्डरों की बाढ़ आ गई थी।
औंधी गांव के मूर्तिकार गिरधर चक्रधारी का कमाल
लाखे नगर सहित शहर के कई पंडालों की प्रतिमाएं रायपुर से लगभग 24 किलोमीटर दूर स्थित औंधी गांव के मूर्तिकार गिरधर चक्रधारी ने तैयार की हैं। गिरधर बताते हैं कि उन्होंने इस साल लगभग 30 मूर्तियों के ऑर्डर पूरे किए हैं। उनके अनुसार, “जब लोग मेरी बनाई मूर्तियां देखकर मुस्कुराते हैं, वही मेरे लिए सबसे बड़ी सफलता है।”
शंकर-पार्वती थीम पर बनेगी लाखे नगर की पहचान
लाखे नगर के सिंधु युवा एकता गणेशोत्सव समिति ने इस बार करीब 4 लाख रुपए की प्रतिमा बनवाई है। पंडाल की थीम शंकर-पार्वती रखी गई है, जिसमें गणपति बप्पा का भव्य रूप दर्शाया जाएगा। गिरधर ने बताया कि पिछले साल का काम तीन महीने में पूरा हुआ था, जबकि इस बार महज दो महीने में सारी तैयारी कर ली गई।
12 कारीगर और 7 रंगकर्मी जुटे
मूर्ति निर्माण में इस बार 12 कारीगर और 7 रंगकर्मी लगातार दो महीने तक दिन-रात जुटे रहे। मूर्ति की सजावट में पारंपरिक शिल्पकला और आधुनिक डिजाइन का सुंदर मेल देखने को मिलेगा। पंडाल की लाइटिंग और डेकोरेशन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि भक्तों को आध्यात्मिक माहौल का अनुभव हो।
भीड़ और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर जोर
गणेशोत्सव के दौरान लाखे नगर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। स्थानीय समिति और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। समिति ने भक्तों से अपील की है कि वे शांतिपूर्वक दर्शन करें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग दें।
भक्तों में उत्साह, मूर्तिकारों में गर्व
गणेशोत्सव केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि लोककला और शिल्प को प्रोत्साहन देने का अवसर भी है। औंधी के गिरधर चक्रधारी जैसे मूर्तिकारों के लिए यह समय सबसे व्यस्त लेकिन सबसे सुखद भी होता है। गिरधर कहते हैं कि इस बार लाखे नगर में विराजमान होने वाले बप्पा उनके लिए गर्व की बात है।




