
रायपुर। राजधानी के विधानसभा थाना क्षेत्र अंतर्गत सड्डू स्थित बैरागी डेरा इलाके में ताश खेलने के पुराने विवाद को लेकर युवक की हत्या कर दी गई। वारदात के चंद घंटों के भीतर पुलिस ने मुख्य आरोपी अर्जुन बैरागी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो भाई डाडो और साहिल अब भी फरार हैं। पुलिस ने इस हत्याकांड को गंभीरता से लेते हुए एण्टी क्राईम एंड सायबर यूनिट के साथ संयुक्त रूप से कार्यवाही की।
मृतक की पहचान देवेन्द्र कुमार चंदवानी उर्फ राजा के रूप में हुई है, जो बीते एक साल से बैरागी डेरा में अपनी मुंहबोली बहन के घर रहकर फैंसी सामान और खिलौने बेचने का काम करता था। 24 जुलाई की रात करीब 11 बजे गौरा चौरा इलाके में देवेन्द्र शराब के नशे में खड़ा था, तभी अर्जुन बैरागी वहां पहुंचा। देवेन्द्र ने उससे पुराने विवाद को लेकर गाली-गलौच की, जिस पर अर्जुन ने अपने कमर से चाकू निकालकर देवेन्द्र पर हमला कर दिया। इसी दौरान अर्जुन के भाई डाडो और साहिल भी वहां पहुंचे और तीनों ने मिलकर देवेन्द्र को बेरहमी से पीटा।
घायल देवेन्द्र किसी तरह घर पहुंचा और हॉकी स्टिक लेकर अर्जुन के घर की ओर गया, लेकिन वहां अर्जुन ने ऊपर की मंजिल से एक भारी सीमेंट पोल उसके सिर पर दे मारा। सिर पर गंभीर चोट लगने से देवेन्द्र बेहोश हो गया और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
इस वारदात की सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने तत्काल टीम गठित कर आरोपियों को पकड़ने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण कीर्तन राठौर, क्राइम एएसपी संदीप मित्तल और सीएसपी वीरेन्द्र चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए एण्टी क्राईम एंड सायबर यूनिट और विधानसभा थाना पुलिस की टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की।
कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपी अर्जुन बैरागी (24 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह और मृतक एक ही मोहल्ले के हैं और ताश के पत्तों को लेकर पुरानी रंजिश थी, जो इस खौफनाक वारदात का कारण बनी। पुलिस ने उसके विरुद्ध अपराध क्रमांक 365/25 के तहत धारा 103(1), 3(5) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया है।
अन्य दो आरोपी डाडो और साहिल की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस ने कहा है कि उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले में थाना प्रभारी शिवेन्द्र सिंह राजपूत, निरीक्षक परेश पांडेय, उप निरीक्षक मुकेश सोरी, पुष्पराज परिहार समेत कई अधिकारियों की अहम भूमिका रही।




